(Registered Under The Societies Act XXI Of 1860 Gov. of U.P.)
Affiliated by Akhil Bhartiya Prakritik Chikitsa Parishad, Delhi
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Prakratik Chikitsa Evam Yog Prashikshan Sansthan 
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नेचर केयर सोसाइटी

प्रकृति हमारी माँ है जो हमें जीवन प्रदान करती है . वर्तमान में निज स्वार्थ के वशीभूत हो ज्यों-ज्यों प्रकृति का दोहन हो रहा है , समस्याएं बढ़ रही हैं रोग बढ़ रहे हैं
 . आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में शोध हो रहे हैं, तथाकथित उच्च गुणवत्ता युक्त औषधियों का निर्माण हो रहा है, उच्च चिकित्सा शिक्षा प्राप्त चिकित्सकों की संख्या में भी निरंतर वृद्धि हो रही है, परन्तु इतना सब होने के बाबजूद भी भयानक रोगों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है - क्यों ? क्योकि हम प्रकृति से निरंतर दूर होते जा रहे हैं, हमने अपनी जीवन शैली ही बदल ली है . यही रोगों का मुख्य कारण है . प्राकृतिक चिकित्सा में पञ्च-तत्वों -- पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश के माध्यम से विकसित उपचारों को रोग निवारण हेतु शरीर पर उपयोग किया जाता है . मानव शरीर भी पञ्च तत्वों से बना है, अप्राकृतिक जीवन शैली  से शरीर में विष की मात्रा बढ़ने से पञ्च तत्वों का असंतुलन होता है और शरीर रोग से ग्रस्त हो जाता है . इस स्थिति में प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से पञ्च तत्वों को संतुलित करना ही रोग मुक्ति का सर्वोत्तम साधन है .
  प्राकृतिक चिकित्सा एक सरल पद्धति है, इसके प्रयोग में भी अन्य चिकित्सा पद्धतियों की तुलना में में बहुत कम खर्च आता है . परन्तु व्यावसायिकता की अंधी दौड़ में प्राकृतिक चिकित्सा को जनसामान्य से दूर कर दिया गया .   आज योग, प्राकृतिक चिकित्सा जैसी सर्व सुलभ पद्धतियों को इतना जटिल बना दिया गया है कि यह आम आदमी की पहुँच से बाहर होकर पञ्च सितारा होटलों या रिजार्ट्स में कैद होकर रह गयी है . आरोग्य ग्राम के माध्यम से नेचर केयर सोसाइटी का यह प्रयास है कि प्राकृतिक चिकित्सा को इत
ना सरल व सुलभ बना दिया जाये कि प्रत्येक व्यक्ति स्वयं अपना चिकित्सक बन सके एवं जीर्ण-जटिलतम रोगों से मुक्ति पा सके .
   जैसा कि पहले भी कहा गया है कि - प्राकृतिक चिकित्सा एक चिकित्सा पद्धति ही नहीं बल्कि जीवन पद्धति भी है , जिसे रोगी ही नहीं स्वस्थ्य व्यक्ति भी अपनाकर अपने शरीर को निरोग रख सकता है, तो आइये  ...........प्रकृति की ओर चलें ! प्रकृति के साथ जुड़ें .

कृपया नेचर केयर सोसाइटी के सदस्य बनें 

आजीवन सदस्य   
जो व्यक्ति सोसाइटी को रु. 21000/ या अधिक की धनराशि प्रदान करेगा वह सोसाइटी काआजीवन सदस्य बनाया जायेगा . आजीवन सदस्य प्रतिवर्ष 05 दिन की आवासीय प्राकृतिक चिकित्सा सुविधा का लाभ ले सकेंगे . यह सेवा सदस्य के जीवन पर्यन्त चलती रहेगी .
सामान्य सदस्य 
जो व्यक्ति न्यूनतम 500/ रु. की धनराशि सोसाइटी के सहयोगार्थ प्रदान करेगा , उन्हें एक वर्ष की सदस्यता प्रदान की जाएगी .
विशिष्ट सदस्य 
सोसाइटी को निःस्वार्थ भाव से तन,मन,धन,से सहयोग करने वाले व्यक्ति को विशिष्ट सदस्य बनाया जायेगा .

आरोग्य केंद्र 

नेचर केयर सोसाइटी अपने प्रथम प्रकल्प के रूप में एक आरोग्य केंद्र की स्थापना हेतु प्रयासरत है  आरोग्य केंद्र में योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी नेचर केयर सोसाइटी आरोग्य केंद्र हेतु भूमि एवं भवन निर्माण के लिए आपसे सहयोग की अपील करती है आरोग्य केंद्र के संस्थापक सदस्य एवं स्वस्थ्यार्थी सदस्यों को दी जाने वाली सुविधाएँ इस प्रकार होंगी –
संस्थापक सदस्य
आरोग्य केंद्र की स्थापना हेतु जो व्यक्ति 31000/ रु. या अधिक की धनराशि प्रदान करेंगे, वे आरोग्य केंद्र के संस्थापक सदस्य होंगे .
  • आरोग्य केंद्र के संस्थापक सदस्यों का नाम भवन के शिलापट पर अंकित किया जायेगा.
  • संस्थापक सदस्यों को आरोग्य ग्राम में आजीवन प्रतिवर्ष 10 दिन की आवासीय प्राकृतिक चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जायेगा.
  • 51000/ रु. की धनराशि प्रदान करने वाले पति-पत्नी दोनों को आजीवन प्रतिवर्ष 10 दिन की  आवासीय प्राकृतिक चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जायेगा .
स्वास्थ्यार्थी सदस्य
1- द्विवर्षीय आवासीय सदस्य
आरोग्य केंद्र को 11000/-रु. प्रदान करने वाले व्यक्ति को दो वर्ष तक प्रतिवर्ष 07दिन का आवासीय प्राकृतिक चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जायेगा .
2- वार्षिक अनावासीय सदस्य
आरोग्य केंद्र को 5100/-रु. प्रदान करने वाले व्यक्ति को 30 दिन की अनावासीय (बाहय चिकित्सा सुविधा ) प्राकृतिक चिकित्सा सेवा प्रदान की जाएगी, जिसे व्यक्ति एक वर्ष के अन्दर एक साथ अथवा अपनी सुविधानुसार कई भागों में स्वयं या अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ उपभोग कर सकेंगे .
सहयोग राशि कृपया "नेचर केयर सोसाइटी" (NATURE CARE SOCIETY) के नाम चेक या ड्राफ्ट से निम्न पते पर भेजें .​
सचिव 
नेचर केयर सोसाइटी 
भक्ति वाटिका,धौरेरा वृन्दावन 
जिला-मथुरा उ.प्र. पिन - 281003
फ़ोन - +91 9760897937

प्रमुख उद्देश्य 

  • प्राकृतिक चिकित्सा, योग, आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं यूनानी चिकित्सा के विकास के लिए चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना करना एवं योग व् प्राकृतिक चिकित्सा को जन सामान्य की जीवन शैली में ढालकर व्यक्ति को स्वयं एवं समाज के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना सोसाइटी का प्रमुख उद्देश्य है .
  • नेचर केयर सोसाइटी प्राकृतिक चिकित्सा, योग,  एक्यूप्रेशर,चुम्बक,  चिकित्सा पद्धतियों (जीवन पद्धतियों) के विभिन्न पाठ्यक्रमों को संचालित करती है .  इनका ज्ञान प्राप्त करके व्यक्ति स्वयं स्वस्थ्य रहने की कला सीखकर स्वस्थ्य समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है .
  • प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग के माध्यम से गरीबों,निराश्रितों,असहायों को निःशुल्क चिकित्सा प्रदान करना .
  • प्रकृति के संरक्षण हेतु आवश्यक क्रियाकलापों का सञ्चालन करना .
  • प्राकृतिक संपदाओं जैसे- औषधियों,जड़ी -बूटियों,जल,मृदा,वृक्ष आदि के संरक्षण हेतु लोगों को जागरूक करना एवं अन्य आवश्यक क्रियाकलापों का संपादन करना .
  • ग्राम पंचायत स्तर पर निःशुल्क योग,प्राकृतिक चिकत्सा परामर्श केन्द्रों की स्थापना करना .
  • समय-समय पर निःशुल्क नेत्र रक्षा कैम्प,पोलियो निवारण कैम्प आयोजित करना .
  • समाज के निराश्रितों,मूक-बधिरों,विकलांगों,नेत्रहीनों तथा विधवाओं एवं वृद्धों के लिए कल्याणकारी कार्यक्रम चलाना .
  • जूनियर स्तर पर विद्यालयों के पाठयक्रम में योग व प्राकृतिक चिकित्सा विषय को सम्मिलित कराने का प्रयास करना .
  • ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में शिक्षा संस्थानों एवं निःशुल्क औषधालयों का निर्माण व उनके सञ्चालन की व्यवस्था करना .
  • कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध आवश्यक अभियान चलाना
  • गौ माता संरक्षण के उपाय करना .

नेचर केयर सोसाइटी  एक स्वयं सेवी संस्था है जोकि सरकार द्वारा  सोसाइटी अधिनियम  एक्ट XXI, 1860 के अंतर्गत  पंजीकृत है | कृपया सोसाइटी के  जन  हितकारी कार्यों में सहयोग करें.